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MSI B450M-A PRO MAX II Motherboard — Reliable Performance for AM4 Systems

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Oracle Database Architecture : Database, Instance, Data Files, Control files and Redo files

 ORACLE DATABASE ARCHITECTURE किसी भी DATABASE प्रबंधन प्रणाली की रीढ़ होती है। यह DATABASE के विभिन्न घटकों और उनके बीच के अंतर्संबंधों को परिभाषित करती है। ORACLE DATABASE ARCHITECTURE की अच्छी समझ उपयोगकर्ताओं और व्यवस्थापकों को डेटा को कुशलता से प्रबंधित करने, प्रदर्शन को अनुकूलित करने, और समस्याओं का निवारण करने में मदद करती है। इस अध्याय में, हम ORACLE DATABASE ARCHITECTURE के मुख्य घटकों का परिचय देंगे।





विषयसूची

1.    ORACLE DATABASE ARCHITECTURE के मुख्य घटक

2.     DATABASE और INSTANCE

3.    डेटा फाइल्स (Data Files) क्या हैं?

4.    कंट्रोल फाइल्स (Control Files) क्या हैं?

5.    री-डू फाइल्स (Redo Files) क्या हैं?

6.    निष्कर्ष


ORACLE DATABASE ARCHITECTURE के मुख्य घटक

  1. डाटाबेस और INSTANCE
    • DATABASE: ORACLE DATABASE डेटा की एक संरचित संग्रह है, जो तालिकाओं, सूचकों (INDEX), और अन्य स्कीमा ऑब्जेक्ट्स के रूप में संग्रहीत होता है। यह डेटा को स्थायी रूप से संग्रहीत करता है।
    • INSTANCE: INSTANCE एक DATABASE की मेमोरी संरचनाओं और बैकग्राउंड प्रक्रियाओं का समूह है। यह डेटा को प्रोसेस करने के लिए उपयोग होता है। एक DATABASE में एक या अधिक INSTANCE हो सकते हैं।
  2. मेमोरी संरचनाएं
    • SGA (System Global Area): यह एक साझा मेमोरी क्षेत्र है, जो डेटा और कंट्रोल जानकारी को संग्रहीत करता है। इसमें विभिन्न घटक होते हैं, जैसे कि डाटाबफर कैश, लाइब्रेरी कैश, और डिक्शनरी कैश।
    • PGA (Program Global Area): यह एक निजी मेमोरी क्षेत्र है, जो प्रत्येक सर्वर प्रोसेस के लिए अलग होता है। यह प्रोसेस से संबंधित डेटा और कंट्रोल जानकारी को संग्रहीत करता है।
  3. प्रोसेस
    • यूजर प्रोसेस: यह उपयोगकर्ताओं के लिए डेटा रिक्वेस्ट को संभालता है।
    • सर्वर प्रोसेस: यह यूजर प्रोसेस के लिए डेटा रिक्वेस्ट को प्रोसेस करता है और डेटा को पुनः प्राप्त करता है।
    • बैकग्राउंड प्रोसेस: ये प्रोसेस DATABASE के विभिन्न कार्यों को ऑटोमेटिकली मैनेज करते हैं, जैसे कि डेटा लिखना, रिकवरी, और लॉगिंग। प्रमुख बैकग्राउंड प्रोसेस में DBWn (Database Writer), LGWR (Log Writer), CKPT (Checkpoint), और SMON (System Monitor) शामिल हैं।
  4. डेटा फ़ाइलें
    • डेटा फ़ाइलें: ये डेटा को स्थायी रूप से संग्रहीत करती हैं। प्रत्येक DATABASE में एक या अधिक डेटा फ़ाइलें होती हैं।
    • कंट्रोल फ़ाइलें: ये DATABASE की संरचना और स्थिति की जानकारी को संग्रहीत करती हैं। यह बहुत महत्वपूर्ण होती हैं, क्योंकि ये DATABASE को रिकवरी प्रक्रिया में मदद करती हैं।
    • रीडो लॉग फ़ाइलें: ये सभी डेटा परिवर्तनों का रिकॉर्ड रखती हैं। यदि DATABASE क्रैश हो जाता है, तो रीडो लॉग फ़ाइलें डेटा रिकवरी में मदद करती हैं।
  5. लॉजिक संरचनाएं
    • TABLES: ये डेटा को पंक्तियों और स्तंभों के रूप में संग्रहीत करती हैं।
    • INDEX: ये डेटा को तेजी से पुनः प्राप्त करने में मदद करते हैं।
    • VIEW: ये डेटा का लॉजिक सबसेट होती हैं, जो एक या अधिक टेबल्स से प्राप्त होती हैं।
    • SYNONYMS: ये स्कीमा ऑब्जेक्ट्स के लिए एलियस नाम होते हैं।
  6. नेटवर्क संरचनाएं
    • लिसनर: यह एक सर्वर प्रोसेस है, जो DATABASE सर्वर पर इनकमिंग कनेक्शन रिक्वेस्ट को संभालता है।
    • TNS (Transparent Network Substrate): यह ORACLE के नेटवर्किंग प्रोटोकॉल का एक सेट है, जो DATABASE और क्लाइंट्स के बीच कनेक्शन को मैनेज करता है।

ORACLE DATABASE ARCHITECTURE के लाभ

  1. प्रदर्शन और स्केलेबिलिटी: ORACLE DATABASE ARCHITECTURE को बड़े पैमाने पर डेटा और ट्रांजेक्शंस को संभालने के लिए डिजाइन किया गया है। यह विभिन्न हार्डवेयर प्लेटफार्मों पर समान प्रदर्शन सुनिश्चित करता है।
  2. उच्च उपलब्धता और रिकवरी: ORACLE DATABASE में विभिन्न तकनीकें हैं, जो डेटा की निरंतर उपलब्धता और रिकवरी सुनिश्चित करती हैं, जैसे कि डेटा गार्ड और फ्लैशबैक तकनीक।
  3. सुरक्षा: ORACLE DATABASE में डेटा सुरक्षा के लिए उन्नत फीचर्स शामिल हैं, जैसे कि एन्क्रिप्शन, ऑडिटिंग, और वर्चुअल प्राइवेट DATABASE (VPD)। ये फीचर्स सुनिश्चित करते हैं कि डेटा अनधिकृत एक्सेस से सुरक्षित है।
  4. लचीलापन और प्रबंधन: ORACLE DATABASE ARCHITECTURE को विभिन्न एप्लिकेशन और उपयोग के मामलों के लिए अनुकूलित किया जा सकता है। यह उपयोगकर्ताओं और व्यवस्थापकों को डेटा को कुशलता से प्रबंधित करने में मदद करता है।

Oracle Database Architecture - DATABASE और INSTANCE

Oracle Database Architecture को समझने के लिए यह आवश्यक है कि हम पहले इसके दो मुख्य घटकों - DATABASE और INSTANCE - को समझें। यह दोनों घटक मिलकर एक पूरी DATABASE प्रणाली का निर्माण करते हैं।

DATABASE क्या है?

DATABASE एक संगठित संग्रह है जहां डेटा को संरचित रूप में संग्रहित किया जाता है। Oracle DATABASE में डेटा फाइल्स, कंट्रोल फाइल्स और री-डू लॉग फाइल्स शामिल होती हैं।

  1. डेटा फाइल्स: ये फाइल्स वास्तविक डेटा को संग्रहित करती हैं।
  2. कंट्रोल फाइल्स: ये DATABASE की संरचना और स्थिति की जानकारी को संगृहीत करती हैं।
  3. री-डू लॉग फाइल्स: ये डेटा में हुए परिवर्तन को लॉग करती हैं, जिससे डेटा को पुनः प्राप्त किया जा सके।

INSTANCE क्या है?

INSTANCE वह सेवा है जो DATABASE को एक्सेस और मैनेज करने के लिए आवश्यक है। यह सिस्टम मेमोरी (एसजीए) और बैकग्राउंड प्रोसेसेस का समूह है।

  1. सिस्टम ग्लोबल एरिया (एसजीए): यह मेमोरी का एक साझा क्षेत्र है, जिसका उपयोग DATABASE के सभी उपयोगकर्ता करते हैं। इसमें डेटा बफर कैश, लॉग बफर, और अन्य कैश मेमोरी शामिल होती है।
  2. बैकग्राउंड प्रोसेसेस: ये विभिन्न कार्यों को निष्पादित करने के लिए जिम्मेदार होते हैं, जैसे डेटा को पढ़ना/लिखना, लॉग फाइल्स का प्रबंधन करना आदि।

DATABASE और INSTANCE का संबंध

Oracle DATABASE और INSTANCE का संबंध काफी घनिष्ठ होता है। एक DATABASE कई इंस्टेंसेस द्वारा साझा किया जा सकता है, और एक INSTANCE एक समय में केवल एक DATABASE के साथ जुड़ा होता है।

DATABASE और INSTANCE के कार्य

  1. DATABASE का कार्य:
    • डेटा को सुरक्षित और संरचित रूप में संग्रहित करना।
    • डेटा की पुनर्प्राप्ति और बैकअप की सुविधा प्रदान करना।
    • डेटा में परिवर्तन को लॉग करना।
  2. INSTANCE का कार्य:
    • डेटा के क्वेरी और प्रोसेसिंग को संभालना।
    • डेटा को सिस्टम मेमोरी में लोड करना और वापस DATABASE में लिखना।
    • उपयोगकर्ताओं द्वारा किए गए सभी अनुरोधों को प्रबंधित करना।

डेटा फाइल्स क्या हैं?

डेटा फाइल्स, वे फाइल्स होती हैं जिनमें सभी उपयोगकर्ता डेटा और DATABASE ऑब्जेक्ट्स (जैसे टेबल्स, इंडेक्सेस आदि) संग्रहीत होते हैं। जब भी कोई उपयोगकर्ता DATABASE में डेटा डालता है, अपडेट करता है, या उसे पढ़ता है, तो यह सब डेटा फाइल्स में संग्रहित और पुनर्प्राप्त किया जाता है।

डेटा फाइल्स की मुख्य विशेषताएं

  1. डेटा भंडारण: डेटा फाइल्स DATABASE का मुख्य भंडारण होती हैं, जहां पर DATABASE का सारा डेटा संग्रहीत होता है।
  2. डायनामिक आकार: डेटा फाइल्स का आकार स्टेटिक नहीं होता, बल्कि यह जरूरत के अनुसार बढ़ता या घटता है।
  3. ऑटो एक्सपेंशन: अधिकांश DATABASE सिस्टम में, डेटा फाइल्स का आकार स्वतः बढ़ सकता है जब उनमें संग्रहित डेटा की मात्रा बढ़ती है।
  4. फिजिकल और लॉजिकल स्ट्रक्चर: डेटा फाइल्स फिजिकली हार्ड डिस्क पर संग्रहीत होती हैं, लेकिन लॉजिकली DATABASE के विभिन्न ऑब्जेक्ट्स को संरचित करती हैं।

डेटा फाइल्स के प्रकार

Oracle DATABASE में डेटा फाइल्स को विभिन्न प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है:

  1. प्राइमरी डेटा फाइल्स: ये फाइल्स मुख्य डेटा को संग्रहित करती हैं।
  2. टेम्परेरी डेटा फाइल्स: ये अस्थायी डेटा को संग्रहित करती हैं, जैसे कि सॉर्ट ऑपरेशंस के दौरान उत्पन्न हुआ डेटा।
  3. UNDO डेटा फाइल्स: ये डेटा फाइल्स उन परिवर्तनों का ट्रैक रखती हैं जिन्हें रोलबैक किया जा सकता है।

डेटा फाइल्स का प्रबंधन

DATABASE प्रशासक (DBA) डेटा फाइल्स का प्रबंधन करते हैं। इसमें शामिल है:

  1. डेटा फाइल्स का निर्माण: नए डेटा फाइल्स को बनाना और उन्हें DATABASE में जोड़ना।
  2. डेटा फाइल्स का विस्तार: जरूरत पड़ने पर डेटा फाइल्स का आकार बढ़ाना।
  3. डेटा फाइल्स की निगरानी: डेटा फाइल्स के उपयोग और उनके प्रदर्शन की निगरानी करना।
  4. डेटा फाइल्स का बैकअप: डेटा की सुरक्षा के लिए डेटा फाइल्स का नियमित रूप से बैकअप लेना।

कंट्रोल फाइल्स (Control Files) क्या हैं?

कंट्रोल फाइल्स, Oracle DATABASE में महत्वपूर्ण फाइल्स होती हैं जो DATABASE के संपूर्ण संरचना और स्थिति की जानकारी को संग्रहित करती हैं। ये फाइल्स DATABASE के सुचारु संचालन और पुनर्प्राप्ति के लिए अत्यंत आवश्यक होती हैं।

कंट्रोल फाइल्स की मुख्य विशेषताएं

  1. DATABASE की स्थिति की जानकारी: कंट्रोल फाइल्स DATABASE की वर्तमान स्थिति, जैसे कि DATABASE खोला या बंद किया गया है, का विवरण रखती हैं।
  2. DATABASE संरचना की जानकारी: ये फाइल्स DATABASE में शामिल सभी डेटा फाइल्स और री-डू लॉग फाइल्स के नाम और स्थान की जानकारी संग्रहित करती हैं।
  3. री-डू लॉग का ट्रैक: कंट्रोल फाइल्स री-डू लॉग फाइल्स के अनुक्रम संख्या का ट्रैक रखती हैं, जिससे डेटा पुनर्प्राप्ति (रिकवरी) संभव हो सके।
  4. DATABASE क्रिएशन टाइम: कंट्रोल फाइल्स में DATABASE के निर्माण का समय और अन्य महत्वपूर्ण मेटाडेटा संग्रहीत होता है।

कंट्रोल फाइल्स का महत्व

  1. DATABASE स्टार्टअप: जब भी DATABASE स्टार्ट होता है, Oracle सबसे पहले कंट्रोल फाइल्स को पढ़ता है ताकि DATABASE की संरचना और स्थिति की जानकारी प्राप्त हो सके।
  2. DATABASE रिकवरी: अगर DATABASE में कोई गड़बड़ी होती है या डेटा क्षतिग्रस्त होता है, तो कंट्रोल फाइल्स की मदद से DATABASE की रिकवरी की जा सकती है।
  3. सिंकिंग और कोऑर्डिनेशन: कंट्रोल फाइल्स डेटा फाइल्स और री-डू लॉग फाइल्स के बीच समन्वय बनाए रखती हैं।

कंट्रोल फाइल्स का प्रबंधन

कंट्रोल फाइल्स का प्रबंधन DATABASE प्रशासक (DBA) द्वारा किया जाता है। इसमें निम्नलिखित कार्य शामिल होते हैं:

  1. कंट्रोल फाइल्स का बैकअप: कंट्रोल फाइल्स का नियमित बैकअप लिया जाना चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति में डेटा को सुरक्षित रखा जा सके।
  2. मल्टिप्ल कंट्रोल फाइल्स का उपयोग: डेटा सुरक्षा को बढ़ाने के लिए कई कंट्रोल फाइल्स का उपयोग करना चाहिए। इन्हें विभिन्न भौगोलिक स्थानों पर रखा जा सकता है।
  3. निगरानी और रखरखाव: कंट्रोल फाइल्स की स्थिति और उनकी अखंडता की नियमित निगरानी और रखरखाव किया जाना चाहिए।

कंट्रोल फाइल्स के घटक

  1. डेटा फाइल्स की जानकारी: DATABASE में शामिल सभी डेटा फाइल्स के नाम, स्थान, और स्थिति की जानकारी।
  2. री-डू लॉग फाइल्स की जानकारी: सभी री-डू लॉग फाइल्स की स्थिति और अनुक्रम संख्या।
  3. चेकपॉइंट जानकारी: DATABASE का अंतिम चेकपॉइंट, जो यह बताता है कि डेटा को आखिरी बार कब सुरक्षित रूप से डिस्क पर लिखा गया था।
  4. DATABASE क्रिएशन टाइम: DATABASE का निर्माण समय और अन्य संबंधित मेटाडेटा।

री-डू फाइल्स (Redo Files) क्या हैं?

री-डू फाइल्स, जिन्हें री-डू लॉग फाइल्स भी कहा जाता है, Oracle DATABASE में बहुत महत्वपूर्ण होती हैं। ये फाइल्स DATABASE में होने वाले सभी परिवर्तनों को लॉग करती हैं। री-डू फाइल्स का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि DATABASE में होने वाले सभी ट्रांजैक्शंस सुरक्षित रूप से रिकॉर्ड किए गए हैं और किसी भी विफलता के मामले में उन्हें पुनर्प्राप्त किया जा सकता है।

री-डू फाइल्स की मुख्य विशेषताएं

  1. डेटा सुरक्षा: री-डू फाइल्स DATABASE में होने वाले सभी परिवर्तनों को लॉग करती हैं, जिससे डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
  2. रिकवरी: ये फाइल्स DATABASE की पुनर्प्राप्ति (रिकवरी) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यदि कोई विफलता होती है, तो री-डू फाइल्स की मदद से डेटा को पुनः प्राप्त किया जा सकता है।
  3. निरंतरता: री-डू फाइल्स निरंतरता को सुनिश्चित करती हैं, जिससे किसी भी आंशिक या असफल ट्रांजैक्शन को पुनः पूरा किया जा सकता है।

री-डू फाइल्स का महत्व

  1. डेटा रिकवरी: किसी भी आपात स्थिति में, जैसे कि हार्डवेयर विफलता या सिस्टम क्रैश, री-डू फाइल्स डेटा को पुनर्प्राप्त करने में मदद करती हैं।
  2. डेटा की अखंडता: री-डू फाइल्स यह सुनिश्चित करती हैं कि सभी ट्रांजैक्शंस सही ढंग से लॉग किए गए हैं और किसी भी असंगतता से बचा जा सकता है।
  3. ऑनलाइन ट्रांजैक्शन प्रोसेसिंग: री-डू फाइल्स के बिना, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन प्रोसेसिंग (OLTP) संभव नहीं हो सकती, क्योंकि सभी ट्रांजैक्शंस का लॉग रखना आवश्यक होता है।

री-डू फाइल्स का प्रबंधन

री-डू फाइल्स का प्रबंधन DATABASE प्रशासक (DBA) द्वारा किया जाता है। इसमें निम्नलिखित कार्य शामिल होते हैं:

  1. री-डू फाइल्स का निर्माण: नए री-डू फाइल्स को बनाना और उन्हें DATABASE में जोड़ना।
  2. री-डू फाइल्स का बैकअप: नियमित रूप से री-डू फाइल्स का बैकअप लेना, ताकि किसी भी विफलता के मामले में डेटा को पुनः प्राप्त किया जा सके।
  3. री-डू फाइल्स की निगरानी: री-डू फाइल्स के उपयोग और उनके प्रदर्शन की निगरानी करना।
  4. मल्टिप्ल री-डू फाइल्स का उपयोग: डेटा सुरक्षा को बढ़ाने के लिए कई री-डू फाइल्स का उपयोग करना, जिन्हें विभिन्न भौगोलिक स्थानों पर रखा जा सकता है।

री-डू फाइल्स के घटक

  1. लॉग रेकॉर्ड्स: DATABASE में होने वाले सभी परिवर्तनों का विवरण।
  2. चेकपॉइंट्स: यह संकेत करते हैं कि डेटा को अंतिम बार कब सुरक्षित रूप से डिस्क पर लिखा गया था।
  3. सीक्वेंस नंबर: प्रत्येक री-डू लॉग फाइल का एक अनूठा सीक्वेंस नंबर होता है, जिससे उनके अनुक्रम को ट्रैक किया जा सके।

निष्कर्ष

ORACLE DATABASE ARCHITECTURE को समझना किसी भी DATABASE व्यवस्थापक या डेवलपर के लिए महत्वपूर्ण है। यह न केवल DATABASE को कुशलता से प्रबंधित करने में मदद करता है, बल्कि प्रदर्शन, सुरक्षा, और उच्च उपलब्धता सुनिश्चित करने में भी सहायता करता है। इस अध्याय में हमने ORACLE DATABASE ARCHITECTURE के मुख्य घटकों का परिचय दिया है। अगले अध्याय में, हम ORACLE DATABASE इंस्टॉलेशन और कॉन्फ़िगरेशन पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

Oracle Database Architecture के तहत DATABASE और INSTANCE की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। DATABASE डेटा को संरक्षित और संरचित रूप में संग्रहित करता है, जबकि INSTANCE उस डेटा को एक्सेस करने और प्रबंधित करने का माध्यम प्रदान करता है। इन दोनों के समन्वय से ही एक स्थिर और कुशल DATABASE प्रणाली का निर्माण होता है।

डेटा फाइल्स DATABASE प्रणाली का आधार होती हैं, जहां पर सभी महत्वपूर्ण डेटा संग्रहीत होते हैं। इनका प्रबंधन और सही उपयोग DATABASE की कार्यक्षमता और विश्वसनीयता के लिए महत्वपूर्ण है। Oracle DATABASE में डेटा फाइल्स को सही तरीके से समझना और उनका कुशल प्रबंधन करना एक सफल DATABASE संचालन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कंट्रोल फाइल्स Oracle DATABASE का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो DATABASE की संरचना और स्थिति की जानकारी को संग्रहित करती हैं। इनका सही तरीके से प्रबंधन और सुरक्षा DATABASE के सुचारु संचालन और विश्वसनीयता के लिए अत्यंत आवश्यक है। कंट्रोल फाइल्स के बिना, DATABASE को न तो स्टार्ट किया जा सकता है और न ही रिकवर किया जा सकता है, इसलिए इनका महत्व अत्यधिक है।

री-डू फाइल्स Oracle DATABASE का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो DATABASE में होने वाले सभी परिवर्तनों को लॉग करती हैं और डेटा की सुरक्षा और पुनर्प्राप्ति सुनिश्चित करती हैं। इनका सही तरीके से प्रबंधन और उपयोग DATABASE की स्थिरता और विश्वसनीयता के लिए अत्यंत आवश्यक है। री-डू फाइल्स के बिना, DATABASE को सुरक्षित और कुशलता से चलाना संभव नहीं हो सकता।

 

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